ट्रंप के अल्टीमेटम पर ईरान का पलटवार: 'हमला हुआ तो होरमुज़ कर पूर्ण रूप से देंगे बंद'

ट्रंप के अल्टीमेटम पर ईरान का पलटवार: 'हमला हुआ तो होरमुज़ कर पूर्ण रूप से देंगे बंद'

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का समय दिया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर 'होरमुज़' का समुद्री रास्ता नहीं खुला, तो ईरान के तेल और बिजली ठिकानों को मटियामेट कर दिया जाएगा।

ईरान ने भी पलटवार करते हुए धमकी दी है कि अगर उस पर कोई हमला हुआ, तो वह दुनिया के लिए कच्चे तेल की इस सबसे बड़ी सप्लाई लाइन को हमेशा के लिए बंद कर देगा।

खाड़ी युद्ध का बढ़ता तनाव
खाड़ी में बढ़ता तनाव, जिसने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल सप्लाई को खतरे में डाल दिया है।

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युद्ध के चौथे हफ्ते में स्थिति बेकाबू

पश्चिम एशिया में चल रही लड़ाई अब उस खतरनाक मोड़ पर आ गई है, जहाँ से पीछे हटना लगभग नामुमकिन लग रहा है। 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग को अब चार हफ्ते हो चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम ने आग में घी का काम किया है। ट्रंप ने मांग की है कि ईरान तुरंत होरमुज़ जलडमरूमध्य (समुद्री रास्ता) खोले। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो ईरान के ऊर्जा केंद्रों को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा।

इसके जवाब में ईरान ने भी अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। तेहरान ने कसम खाई है कि अगर उसके बिजली संयंत्रों पर कोई भी आंच आई, तो वह दुनिया की सबसे अहम तेल सप्लाई लाइन को पूरी तरह ब्लॉक कर देगा। यह अब सिर्फ एक क्षेत्रीय लड़ाई नहीं रह गई है; इसने पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा और शेयर बाजारों में हड़कंप मचा दिया है।

  • ईरान ने 4,000 किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है, जिससे पेरिस और बर्लिन जैसे शहर भी खतरे में आ गए हैं।
  • इज़राइल की सेना ने लेबनान में कई अहम पुल तोड़ दिए हैं, जो एक बड़े जमीनी हमले का साफ इशारा है।
  • ईरान से आए 25 ड्रोन और 4 मिसाइलों को यूएई ने हवा में ही नष्ट कर दिया है।
  • इराक में बगदाद एयरपोर्ट के पास मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर लगातार रॉकेट दागे जा रहे हैं।

तेल के दाम और दुनिया भर में खलबली

इस समुद्री रास्ते के बंद होने के डर से दुनिया भर में कच्चा तेल बहुत महंगा हो गया है। हालात संभालने के लिए अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाया है और समुद्र में खड़े 140 मिलियन बैरल ईरानी तेल से पाबंदियां हटा ली हैं। इसके बावजूद कीमतें आसमान छू रही हैं। घबराहट में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को भी ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक इमरजेंसी 'COBRA' मीटिंग बुलानी पड़ गई है।

ब्रेंट क्रूड (युद्ध से पहले - 27 फरवरी) ब्रेंट क्रूड (आज - 23 मार्च)
$72.48 प्रति बैरल $113.44 प्रति बैरल

होरमुज़ रास्ते की अहमियत और ईरान की चाल

होरमुज़ का यह समुद्री रास्ता इस समय दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे जरूरी तंग रास्ता (चोकपॉइंट) बना हुआ है। ईरान इसे एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है ताकि वह अमेरिका और उसके साथियों पर दबाव बना सके। ईरान का कहना है कि जब तक युद्ध में टूटे हुए उसके बिजली संयंत्र ठीक नहीं हो जाते, यह रास्ता पूरी तरह बंद रहेगा।

WTI क्रूड (युद्ध से पहले - 27 फरवरी) WTI क्रूड (आज - 23 मार्च)
$67.02 प्रति बैरल $100.00+ प्रति बैरल

यह समुद्री रास्ता अब सिर्फ 'ईरान के दोस्तों' के लिए खुला है। लेकिन सच तो यह है कि खतरे को देखते हुए बीमा कंपनियों ने यहाँ से गुजरने वाले जहाजों को कवर देना ही बंद कर दिया है।

अब्बास अराक्छी, विदेश मंत्री (ईरान)

भारत पर असर और सरकार की तैयारियां

भारत के लिए यह युद्ध एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है। कच्चे तेल के महंगे होने से लेकर विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा तक, कई चिंताएं बढ़ गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) के साथ एक अहम बैठक की है। अबू धाबी में गिरे मिसाइल के मलबे से एक भारतीय नागरिक को हल्की चोट आने के बाद, सरकार खाड़ी देशों में रह रहे अपने नागरिकों को लेकर बहुत सतर्क है।

भारत की मुख्य चिंताएं सरकार के कदम
खाद, रसायन और दवाइयों के कच्चे माल की कमी नए अंतरराष्ट्रीय सप्लायर्स की तेजी से तलाश और आयात के नए विकल्प

ईरान के मुख्य निशाने पर कौन है?

  • खाड़ी देशों के बड़े तेल और गैस प्लांट।
  • समुद्र के पानी को पीने लायक बनाने वाले वाटर प्लांट (Desalination units)।
  • अमेरिका से जुड़ी बड़ी-बड़ी वित्तीय कंपनियां और बैंक।
  • अगर यमन के हूती विद्रोही भी शामिल हुए, तो बाब अल-मंडेब का रास्ता भी बंद हो सकता है, जो दुनिया के लिए एक और बड़ा झटका होगा।

आगे क्या होगा?

फिलहाल, बातचीत से मामले को सुलझाने के सारे रास्ते बंद नजर आ रहे हैं और सैन्य कार्रवाई ही आखिरी विकल्प लग रही है। ईरानी जानकार मानते हैं कि ईरान इसे सिर्फ एक लड़ाई नहीं, बल्कि खाड़ी में अपना दबदबा हमेशा के लिए कायम करने के एक बड़े मौके के रूप में देख रहा है।

अगले 48 घंटे यह तय कर देंगे कि दुनिया एक विनाशकारी महायुद्ध की आग में जलेगी या फिर अमेरिका के अल्टीमेटम से बातचीत का कोई नया रास्ता निकलेगा। पश्चिम एशिया इस समय एक बारूद के ढेर पर बैठा है, जिसमें किसी भी पल बड़ा धमाका हो सकता है।

इस खबर पर लगातार नजर बनाए रखें, क्योंकि आने वाले कुछ घंटे वैश्विक अर्थव्यवस्था और शांति के लिए बेहद अहम होने वाले हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
होरमुज़ जलडमरूमध्य क्या है और यह क्यों खास है?

यह खाड़ी देशों में एक बहुत ही संकरा समुद्री रास्ता है। दुनिया भर का ज्यादातर कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। इसके बंद होने से दुनिया भर में तेल की भारी कमी हो सकती है।

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या अल्टीमेटम दिया है?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को 48 घंटे का समय दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर होरमुज़ का रास्ता नहीं खोला गया, तो ईरान के तेल और बिजली से जुड़े सभी ठिकानों को बर्बाद कर दिया जाएगा।

क्या ईरान की मिसाइलें यूरोप तक पहुँच सकती हैं?

हां, इज़राइल की सेना के मुताबिक ईरान ने अब 4,000 किलोमीटर रेंज वाली मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है, जो बर्लिन और पेरिस जैसे यूरोपीय शहरों तक आसानी से मार कर सकती हैं।

इस जंग का तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा है?

युद्ध की वजह से तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। ब्रेंट क्रूड जो पहले 72 डॉलर के करीब था, वह अब 113 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।

भारत सरकार इस संकट से निपटने के लिए क्या कर रही है?

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई है। भारत सरकार खाद, दवाइयों और रसायनों की सप्लाई के लिए नए देशों से संपर्क कर रही है और खाड़ी में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।

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