मणिपुर में फिर भड़की हिंसा: 2 मासूम बच्चों की मौत, भड़के लोगों पर फायरिंग में 2 और की गई जान
बिष्णुपुर में एक फौजी के घर पर हुए बम हमले में दो छोटे बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है।
गुस्साई भीड़ ने सीआरपीएफ कैंप पर हमला कर दिया। इसके बाद हुई सुरक्षाबलों की फायरिंग में दो प्रदर्शनकारियों की भी जान चली गई, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
{getToc} $title={Table of Contents}
आधी रात को हुआ दिल दहला देने वाला हमला
मणिपुर में शांति लौटने की जो थोड़ी बहुत उम्मीद जगी थी, वो एक बार फिर बुरी तरह टूट गई है। 7 अप्रैल 2026 की रात बिष्णुपुर के मोइरांग त्रोंगलाओबी इलाके में कुछ ऐसा हुआ जिसने सबको हिला कर रख दिया। यहाँ रात करीब 1 बजे कुकी उग्रवादियों ने भारतीय सेना के एक जवान ओनम मंगल के घर को निशाना बनाया और वहाँ ग्रेनेड फेंक दिया।
यह वो इलाका है जहाँ मेइतेई और कुकी-जो समुदायों की सीमाएं मिलती हैं, इसलिए यह जगह हमेशा से काफी संवेदनशील रही है। जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, तब हुए इस अचानक हमले ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया।
- हमला रात के करीब 1 बजे हुआ जब सब सो रहे थे।
- निशाने पर एक भारतीय सैनिक का परिवार था।
- हमले में दो छोटे और मासूम बच्चों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
- बच्चों की माँ बुरी तरह घायल हैं और उनकी हालत बहुत गंभीर है।
हमले में तबाह हुआ फौजी का परिवार
एक जवान जो देश की हिफाजत के लिए बॉर्डर पर खड़ा रहता है, उसके ही बच्चे अपने घर में सुरक्षित नहीं रह पाए। इस हमले में हुए नुकसान को देखकर किसी का भी दिल पसीज जाएगा।
| नाम | जानकारी और मौजूदा स्थिति |
|---|---|
| ओनम तोमथिन (5 साल) | फौजी का बेटा, इस हमले में जान चली गई। |
| ओनम (5 महीने की बच्ची) | फौजी की मासूम बेटी, इस हमले में जान चली गई। |
| फेरोइजाम बिनीता | बच्चों की माँ, जो खुद एक नर्स हैं। हाल ही में उनकी सर्जरी हुई थी और अब वो जिंदगी और मौत से लड़ रही हैं। |
गुस्साई भीड़ और सीआरपीएफ के बीच टकराव
जैसे ही सुबह यह दर्दनाक खबर इलाके में फैली, लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। इंफाल-तिदिम रोड पर भारी भीड़ जमा हो गई। जब लोगों को पता चला कि हमलावर पास की पहाड़ियों से आए थे, तो करीब 400 लोगों की भीड़ घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर मौजूद सीआरपीएफ (CRPF) कैंप की तरफ दौड़ पड़ी।
| घटना | नतीजा |
|---|---|
| कैंप पर हमला | गुस्साई भीड़ ने बैरकों में जमकर तोड़फोड़ की और गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। |
| सुरक्षाबलों की फायरिंग | हालात बेकाबू होते देख सीआरपीएफ को मजबूरन गोलियां चलानी पड़ीं। इसमें 5 लोगों को गोली लगी और 2 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। |
जब देश की रक्षा करने वाले एक सैनिक के मासूम बच्चे ही अपने घर में महफूज़ नहीं हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा की क्या गारंटी है? इस घटना ने प्रशासन के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है।
— आरआर न्यूज़ डेस्क (@rrnewsdotin)सरकार का सख्त एक्शन और एनआईए को जांच
हालात को हाथ से निकलता देख मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने तुरंत कड़े एक्शन लेने के आदेश दिए हैं। सरकार को शक है कि इसके पीछे कुछ ऐसे लोगों की गहरी साज़िश है जो मणिपुर में कभी शांति नहीं चाहते।
| कदम | डिटेल |
|---|---|
| कर्फ्यू और इंटरनेट बैन | इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है और 3 दिन तक इंटरनेट पूरी तरह बंद है। |
| एनआईए (NIA) को जांच | मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जांच एनआईए को सौंप दी है। इसे अब सीधे तौर पर एक आतंकी हमले के रूप में देखा जा रहा है। |
आगे की बड़ी चुनौतियां
- सुरक्षाबलों और स्थानीय लोगों के बीच खत्म हो चुके भरोसे को वापस जीतना।
- बॉर्डर वाले इलाकों (Fringe Areas) में आम नागरिकों की सुरक्षा को यकीनी बनाना।
- हमलावरों को 'ज़िंदा या मुर्दा' पकड़ने के लिए कमांडो दस्तों की पहाड़ी इलाकों में तैनाती।
- फेक न्यूज़ और अफवाहों को रोककर राज्य में दोबारा शांति बहाल करना।
शांति की राह अब भी है मुश्किल
इन हालिया घटनाओं ने साबित कर दिया है कि मणिपुर में सब कुछ ठीक होने के दावे अभी सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। जब तक आम आदमी और खासकर सरहद पर तैनात सैनिकों के परिवार खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते, तब तक किसी भी सरकार का कोई मतलब नहीं रह जाता।
मणिपुर को इस वक्त सिर्फ पुलिस या अतिरिक्त सुरक्षाबलों की नहीं, बल्कि तुरंत न्याय की जरूरत है। अगर दोषियों पर जल्द और सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो राज्य एक बार फिर उसी पुरानी जातीय हिंसा की आग में पूरी तरह जलने लगेगा जिससे वो पिछले दो सालों से बाहर निकलने की जद्दोजहद कर रहा है।
मणिपुर के मौजूदा हालातों पर RRNews.in की नज़रे लगातार बनी हुई हैं। हर छोटी-बड़ी और सच्ची खबर सबसे पहले पाने के लिए आप हमारे सोशल मीडिया हैंडल्स @rrnewsdotin पर हमारे साथ जुड़े रहें।
मणिपुर में ताजा हिंसा कहाँ और कब हुई?
यह घटना 7 अप्रैल 2026 की रात को बिष्णुपुर जिले के मोइरांग त्रोंगलाओबी इलाके में हुई, जहाँ एक फौजी के घर पर ग्रेनेड से बड़ा हमला किया गया।
इस ताज़ा हमले में कितने लोगों की जान गई है?
इस पूरे घटनाक्रम में अब तक कुल 4 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें एक 5 साल का बच्चा और 5 महीने की बच्ची शामिल हैं। इसके अलावा सीआरपीएफ कैंप पर हुए बवाल के दौरान 2 प्रदर्शनकारियों की भी जान गई है।
क्या मणिपुर में अभी इंटरनेट चालू है?
नहीं, अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने 5 संवेदनशील जिलों में इंटरनेट सेवाओं को 3 दिनों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया है।
सरकार ने इस मामले की जांच किसे सौंपी है?
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस गंभीर मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है, क्योंकि राज्य सरकार इसे एक आतंकी कृत्य मान रही है।
इस घटना के ताज़ा अपडेट्स मैं कहाँ से पढ़ सकता हूँ?
आप मणिपुर हिंसा से जुड़ी पल-पल की सही और सटीक जानकारी RRNews.in वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं। इसके अलावा आप हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब या X पर @rrnewsdotin लिखकर भी फॉलो कर सकते हैं।