भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: क्या भारत ने अपनी 'कृषि और थाली' को बचा लिया? $500B का नया रोडमैप
महीनों के कूटनीतिक तनाव के बाद, भारत और अमेरिका के बीच 'अंतरिम व्यापार समझौता' संपन्न हुआ है। रूस से तेल आयात बंद करने के बदले भारत को मिला 25% टैरिफ से छुटकारा।
हाल ही में संपन्न हुआ 'अंतरिम व्यापार समझौता ढांचा' (Interim Trade Pact Framework) वैश्विक भू-राजनीति में एक युगांतकारी मोड़ है। नई दिल्ली ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता और आर्थिक हितों के बीच एक सूक्ष्म संतुलन साधा है। समझौते के तहत भारत ने रूसी तेल के परित्याग की प्रतिबद्धता जताई है, जिसके बदले अमेरिका ने भारत पर लगे 25% के दंडात्मक टैरिफ को हटाने का निर्णय लिया है।
{getToc} $title={Table of Contents}रूसी तेल का परित्याग और टैरिफ में राहत
इस सौदे का सबसे बड़ा रणनीतिक पहलू भारत का ऊर्जा निर्भरता को रूस से हटाकर अमेरिका की ओर मोड़ना है। पिछले वर्ष रूसी तेल खरीद के कारण भारतीय उत्पादों पर प्रभावी टैरिफ 50% तक पहुँच गया था। अब इस नए समझौते के तहत, भारत के लिए प्रभावी टैरिफ घटकर 18% रह गया है।
"7 फरवरी, 2026 की सुबह से भारतीय उत्पादों पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त मूल्य आधारित शुल्क अब लागू नहीं होगा। यह भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ी जीत है।"
— व्हाइट हाउस कार्यकारी आदेशभारतीय कृषि और डेयरी का 'अभेद सुरक्षा कवच'
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि भारतीय कृषि 'जीवन निर्वाह खेती' पर आधारित है। इसलिए, भारत ने एक 'नेगेटिव लिस्ट' के जरिए अपनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखा है। प्रथम चरण में निम्नलिखित को रियायतों से बाहर रखा गया है:
- खाद्यान्न: चावल, गेहूं, आटा और पशु आहार।
- डेयरी और पोल्ट्री: दूध, घी, चिकन और मीट।
- सब्जियां: आलू, प्याज और लहसुन।
- GM फूड: अमेरिका के 'जीएम मक्के' के प्रवेश को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है।
$500 बिलियन का भविष्योन्मुखी रोडमैप
यह समझौता अगले पांच वर्षों के लिए एक महत्वाकांक्षी द्विपक्षीय व्यापार ब्लूप्रिंट पेश करता है। भारत ने अमेरिका से $500 बिलियन मूल्य के उत्पादों की खरीद का रोडमैप तैयार किया है, जिसमें कोकिंग कोल, विमानन उपकरण और रक्षा तकनीक शामिल हैं।
निष्कर्ष
भारत ने अपने निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार के द्वार खोल दिए हैं और अपनी 'थाली' को वैश्विक व्यापार की वेदी पर बलि नहीं चढ़ने दिया। हालांकि, प्रश्न यह है कि क्या भविष्य में अपनी कृषि सुरक्षा को ढीला करने का दबाव फिर से बनाया जाएगा? अपनी राय साझा करें।
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की मुख्य शर्त क्या है?
इस समझौते की मुख्य शर्त भारत द्वारा रूस से तेल आयात को पूरी तरह बंद करने की प्रतिबद्धता है, जिसके बदले अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगे 25% दंडात्मक टैरिफ को हटा लिया है।
क्या इस समझौते से भारतीय किसानों पर कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा?
नहीं, भारत ने एक 'नेगेटिव लिस्ट' के माध्यम से चावल, गेहूं, डेयरी उत्पादों और सब्जियों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को रियायतों से बाहर रखा है, ताकि भारतीय किसानों के हितों की रक्षा की जा सके।
जीएम फूड (GM Food) और अमेरिकी मक्के पर भारत का क्या रुख रहा?
भारत ने अमेरिकी जीएम मक्के और जीएम फूड के प्रवेश को सिरे से खारिज कर दिया है। भारत ने इथेनॉल सम्मिश्रण के माध्यम से बाजार पहुंच की मांग को भी अस्वीकार कर दिया है।
समझौते के बाद भारतीय निर्यातकों को क्या लाभ मिलेगा?
भारतीय उत्पादों पर प्रभावी टैरिफ 50% से घटकर 18% रह गया है, जो वियतनाम और बांग्लादेश जैसे प्रतिस्पर्धियों (19-20%) की तुलना में कम है। इससे भारतीय इंजीनियरिंग और कपड़ा निर्यातकों को बढ़त मिलेगी।
$500 बिलियन के रोडमैप में कौन से क्षेत्र शामिल हैं?
इस रोडमैप में अगले पांच वर्षों में अमेरिका से ऊर्जा (कोकिंग कोल), विमानन पुर्जों, बहुमूल्य धातुओं और रक्षा उपकरणों की खरीद शामिल है।