अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान सीमा संघर्ष 2026: डूरंड रेखा पर सैन्य टकराव, हवाई हमले और ‘ऑपरेशन गज़ब लिल हक़’ से बढ़ा युद्ध का खतरा
फरवरी 2026 में अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव एक गंभीर सैन्य संघर्ष में बदल गया है। महीनों से जारी सीमा विवाद, हवाई हमलों और सुरक्षा आरोपों के बाद दोनों देशों ने खुलकर सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। अफ़ग़ान तालिबान बलों ने पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर बड़े पैमाने पर हमला किया, जबकि पाकिस्तान ने जवाब में ‘ऑपरेशन गज़ब लिल हक़’ शुरू करते हुए अफ़ग़ानिस्तान के अंदर हवाई हमले किए।
दोनों देशों के दावों में भारी अंतर है और वास्तविक नुकसान का आकलन करना मुश्किल बना हुआ है। हालांकि यह स्पष्ट है कि यह हाल के वर्षों का सबसे गंभीर सीमा संघर्ष है, जिसने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता, शरणार्थी संकट और संभावित युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है।
{getToc} $title={Table of Contents}
मुख्य घटनाक्रम: अफ़ग़ानिस्तान का सीमा पार सैन्य हमला
फरवरी 2026 में संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब अफ़ग़ान तालिबान बलों ने पाकिस्तान की सीमा पर स्थित कई सैन्य प्रतिष्ठानों पर समन्वित हमले किए। अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बीहुल्ला मुजाहिद और रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा पहले किए गए हवाई हमलों के जवाब में की गई।
अफ़ग़ान बलों ने डूरंड रेखा के पास स्थित कई संवेदनशील क्षेत्रों में कार्रवाई की, जिनमें पक्तिका, पक्तिया, खोस्त, नंगरहार, कुनार और नूरिस्तान जैसे प्रांत शामिल हैं। अफ़ग़ान अधिकारियों ने दावा किया कि उन्होंने खोस्त प्रांत के अंजार सर क्षेत्र में एक प्रमुख पाकिस्तानी सैन्य मुख्यालय और 19 सैन्य चौकियों पर कब्ज़ा कर लिया है।
इसके अलावा, अफ़ग़ानिस्तान ने दावा किया कि उसकी सेना ने एक पाकिस्तानी टैंक को नष्ट किया, एक सैन्य परिवहन वाहन ज़ब्त किया और बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद अपने कब्ज़े में लिए। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: ‘ऑपरेशन गज़ब लिल हक़’ की शुरुआत
अफ़ग़ान हमलों के जवाब में पाकिस्तान ने तुरंत सैन्य कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन गज़ब लिल हक़’ शुरू किया। पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान के अंदर कई स्थानों पर हवाई हमले किए और तालिबान के ठिकानों को निशाना बनाया।
पाकिस्तान वायु सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांतों में हवाई हमले किए। इसके अलावा पाकिस्तान ने खैबर पख्तूनख्वा के चित्राल, खैबर, मोहमंद, कुर्रम और बाजौर सेक्टरों में अतिरिक्त सैनिक तैनात किए और सीमा सुरक्षा को मजबूत किया।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी ताकत से जवाब देगा और उसकी सैन्य प्रतिक्रिया व्यापक और निर्णायक होगी।
हताहतों और नुकसान को लेकर विरोधाभासी दावे
इस संघर्ष में दोनों देशों ने एक-दूसरे को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। हालांकि इन दावों में काफी अंतर है और वास्तविक स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
हताहत और नुकसान का तुलनात्मक विवरण
| विवरण | अफ़ग़ानिस्तान का दावा | पाकिस्तान का दावा |
|---|---|---|
| पाकिस्तानी सैनिक | 55 सैनिक मारे गए, कई बंदी बनाए गए | 2 सैनिक मारे गए, 3 घायल |
| अफ़ग़ान लड़ाके | 8 मारे गए, 11 घायल | 36 से 133 तक मारे जाने का दावा |
| नागरिक हताहत | 13 घायल | कोई पुष्टि नहीं |
| सैन्य चौकियां | 19 चौकियां कब्ज़े में लेने का दावा | अफ़ग़ान चौकियां और उपकरण नष्ट करने का दावा |
| सैन्य उपकरण | टैंक नष्ट और वाहन ज़ब्त | अफ़ग़ान सैन्य संसाधन नष्ट |
संघर्ष की जड़: डूरंड रेखा विवाद और सुरक्षा तनाव
अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा, जिसे डूरंड रेखा कहा जाता है, लंबे समय से विवाद का कारण रही है। यह सीमा 1893 में ब्रिटिश शासन के दौरान तय की गई थी, लेकिन अफ़ग़ानिस्तान ने इसे कभी औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया।
इस सीमा के दोनों ओर एक ही जातीय समुदाय के लोग रहते हैं, जिससे सीमा विवाद और अधिक जटिल हो जाता है। इसी वजह से यह क्षेत्र लंबे समय से सैन्य तनाव और संघर्ष का केंद्र बना हुआ है।
आतंकवाद और सुरक्षा आरोप: संघर्ष का दूसरा बड़ा कारण
पाकिस्तान का आरोप है कि अफ़ग़ानिस्तान अपनी भूमि का उपयोग पाकिस्तान के खिलाफ हमले करने वाले आतंकवादी समूहों को करने दे रहा है। हाल ही में पाकिस्तान में कई आत्मघाती हमले हुए हैं, जिनमें इस्लामाबाद की एक मस्जिद पर हमला भी शामिल है।
दूसरी ओर, अफ़ग़ानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान ने अफ़ग़ान सीमा का उल्लंघन किया और हवाई हमले किए, जिनमें नागरिकों की मौत हुई। इन आरोपों और जवाबी आरोपों ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।
संघर्ष की समयरेखा: कैसे बढ़ा तनाव
| समय | घटना |
|---|---|
| अक्टूबर 2023 | सीमा पार आवाजाही और व्यापार पर प्रतिबंध |
| 2024–2025 | छिटपुट सीमा संघर्ष और तनाव जारी |
| जनवरी 2026 | सीमा पर सैन्य गतिविधि में वृद्धि |
| फरवरी 2026 | तालिबान द्वारा बड़े पैमाने पर हमला |
| फरवरी 2026 | पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गज़ब लिल हक़’ शुरू किया |
मानवीय प्रभाव: शरणार्थी संकट और नागरिकों की परेशानी
इस संघर्ष का सबसे ज्यादा असर सीमा पर रहने वाले आम नागरिकों पर पड़ा है। तोरखम सीमा के पास संघर्ष के कारण अफ़ग़ान अधिकारियों को शरणार्थी शिविर खाली कराना पड़ा। पाकिस्तान की ओर से भी स्थानीय निवासियों को सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित किया गया।
सीमा बंद होने से व्यापार और आवागमन पर गंभीर असर पड़ा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और मानवीय स्थिति और अधिक खराब हो गई है।
क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव: सुरक्षा और भू-राजनीतिक चिंता
यह संघर्ष केवल अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है। दक्षिण एशिया और मध्य एशिया में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है।
पाकिस्तान ने अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए सीमा पर अतिरिक्त सैनिक तैनात किए हैं, जबकि अफ़ग़ानिस्तान भी अपनी रक्षा क्षमता मजबूत कर रहा है। दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधि से युद्ध का खतरा बढ़ गया है।
ईरान संकट 2026: भारतीयों के लिए एडवाइजरी, बढ़ता अमेरिका-ईरान तनाव
ट्रम्प का 108 मिनट भाषण: रिकॉर्ड और 2026 सियासी असर
डूरंड रेखा विवाद क्या है? इतिहास, कारण, पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान संघर्ष और सामरिक महत्व Explained
निष्कर्ष: क्या यह संघर्ष बड़े युद्ध में बदल सकता है?
अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच वर्तमान सैन्य संघर्ष हाल के वर्षों का सबसे गंभीर टकराव बन चुका है। दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है और स्थिति तेजी से गंभीर होती जा रही है।
डूरंड रेखा का पुराना विवाद, आतंकवाद के आरोप और असफल कूटनीतिक प्रयास इस संकट को और जटिल बना रहे हैं। नागरिकों पर इसका गंभीर असर पड़ रहा है और क्षेत्रीय स्थिरता खतरे में है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष एक बड़े युद्ध का रूप ले सकता है, जिससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता प्रभावित होगी।
डूरंड रेखा विवाद क्या है?
डूरंड रेखा अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसे अफ़ग़ानिस्तान औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं करता।
‘ऑपरेशन गज़ब लिल हक़’ क्या है?
यह पाकिस्तान द्वारा अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ शुरू किया गया सैन्य अभियान है, जिसमें हवाई हमले और सीमा सुरक्षा कार्रवाई शामिल हैं।
संघर्ष का मुख्य कारण क्या है?
सीमा विवाद, आतंकवाद के आरोप, और सुरक्षा चिंताओं ने इस संघर्ष को जन्म दिया है।
इस संघर्ष का नागरिकों पर क्या प्रभाव पड़ा है?
नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है और व्यापार तथा सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है।