क्या एप्पल का 'प्रीमियम' टैग अब आम आदमी की पहुंच में आने वाला है? अगर आप भी एप्पल प्रोडक्ट्स की आसमान छूती कीमतों से परेशान होकर विंडोज या एंड्रॉइड की ओर रुख कर रहे थे, तो थोड़ा रुकिए। 2026 की शुरुआत एप्पल के इतिहास का सबसे बड़ा 'मार्केट डिसरप्शन' (Market Disruption) लेकर आ रही है। सूत्रों की मानें तो फरवरी के आखिरी हफ्तों में एप्पल एक ऐसा मेगा-इवेंट प्लान कर रहा है, जो न केवल तकनीकी रूप से उन्नत होगा, बल्कि अब तक का सबसे 'बजट-फ्रेंडली' चरण भी साबित होगा। एक टेक जर्नलिस्ट के तौर पर मेरा विश्लेषण यह कहता है कि एप्पल अब केवल हाई-एंड मार्केट तक सीमित नहीं रहना चाहता; उसका सीधा निशाना अब 'उभरते बाजार' (Emerging Markets) और 'एंटरप्राइज यूजर्स' हैं।
iPhone 17e: किफायती कीमत में प्रीमियम बेंचमार्क
एप्पल अपनी 'e' सीरीज के जरिए मिड-रेंज स्मार्टफोन मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी में है। iPhone 16e की जगह लेने वाला iPhone 17e इस बार केवल नाम का अपडेट नहीं होगा। सबसे चौंकाने वाली बात इसकी कीमत है, जिसके $599 (लगभग समान) रहने की उम्मीद है, लेकिन इसके 'हुड' के नीचे मिलने वाली पावर इसे फ्लैगशिप के करीब खड़ा करती है।
मुख्य तकनीकी बदलाव:
- A19 चिपसेट: इसमें वही अत्याधुनिक प्रोसेसर होगा जो स्टैंडर्ड iPhone 17 में इस्तेमाल किया जाएगा। यह एक साहसी कदम है क्योंकि आमतौर पर बजट मॉडल्स में पुराने चिप्स दिए जाते थे।
- MagSafe और इन-हाउस चिप्स: पहली बार इस सीरीज में मैगसेफ चार्जिंग का सपोर्ट मिलेगा। साथ ही, एप्पल अपने खुद के सेलुलर और वायरलेस चिप्स का इस्तेमाल कर हार्डवेयर पर अपना नियंत्रण और मजबूत करेगा।
विशेषज्ञ विश्लेषण: एप्पल का यह दांव सीधे तौर पर उन ग्राहकों के लिए है जो परफॉरमेंस से समझौता नहीं करना चाहते। A19 चिप का मतलब है कि यह फोन सालों तक सॉफ्टवेयर अपडेट और भारी एप्स को बिना किसी लैग के संभाल सकेगा, जो यूजर रिटेंशन (User Retention) के लिए एक मास्टरस्ट्रोक है।
मैकबुक का नया अवतार: विंडोज और क्रोमबुक के वर्चस्व को चुनौती
लेख का सबसे बड़ा खुलासा एप्पल का वह 'सस्ता मैकबुक' है, जिसकी चर्चा वर्षों से टेक गलियारों में थी। 2026 की पहली छमाही में एप्पल एक ऐसा मैकबुक पेश कर सकता है जो 13 इंच से छोटा होगा और जिसमें 'आईफोन-क्लास चिप' का इस्तेमाल किया जाएगा।
जहाँ एक ओर एप्पल M5 प्रोसेसर वाले शक्तिशाली 14-इंच और 16-इंच मैकबुक प्रो और नए मैकबुक एयर लॉन्च करने की तैयारी में है, वहीं यह किफायती मैकबुक उन छात्रों और संगठनों के लिए होगा जो भारी-भरकम बजट के बिना macOS इकोसिस्टम में प्रवेश करना चाहते हैं।
"एप्पल इसे नए उपयोगकर्ताओं और संस्थानों के लिए एक 'प्रवेश द्वार' (Entry Point) की तरह देख रहा है, जो कम खर्च में एप्पल की सुरक्षा और स्थिरता का अनुभव करना चाहते हैं।"
विशेषज्ञ विश्लेषण: यह कदम विंडोज लैपटॉप और क्रोमबुक के वर्चस्व को सीधे चुनौती देने वाला है। आईफोन-क्लास चिप का उपयोग न केवल बैटरी लाइफ को असाधारण बनाएगा, बल्कि एप्पल की उत्पादन लागत को भी कम करेगा, जिसका सीधा फायदा उपभोक्ता की जेब को होगा। इसके साथ ही, एप्पल अपने डेस्कटॉप लाइनअप में अपडेटेड Mac Studio और एक फ्रेश Studio Display भी पेश करने वाला है।
एप्पल इंटेलिजेंस (AI) अब सबके लिए: क्यों जरूरी है A18?
एप्पल अपने बेस आईपैड (Entry-level model) को A18 चिप के साथ अपग्रेड कर रहा है। यहाँ समझने वाली बात यह है कि यह अपग्रेड केवल 'स्पीड' के लिए नहीं है। एप्पल इंटेलिजेंस (AI) को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक शक्तिशाली 'न्यूरल इंजन' की आवश्यकता होती है, जो पुराने चिप्स में मौजूद नहीं है।
- बेस आईपैड: A18 चिप के साथ अब किफायती आईपैड पर भी एआई फीचर्स उपलब्ध होंगे।
- आईपैड एयर: इसे और भी प्रोफेशनल बनाते हुए M4 चिप से लैस किया जाएगा।
विश्लेषण: एप्पल यह स्पष्ट कर चुका है कि एआई अब केवल 'प्रो' यूजर्स के लिए कोई लग्जरी नहीं, बल्कि एक बुनियादी जरूरत है। एआई को सस्ते हार्डवेयर पर लाना गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के एआई इकोसिस्टम के खिलाफ एप्पल की एक बड़ी घेराबंदी है।
डिस्प्ले का भविष्य: ओलेड और टच सपोर्ट का संगम
डिस्प्ले के मामले में एप्पल एक बड़ा ट्रांजिशन (Transition) कर रहा है। आने वाले iPad mini में ओलेड (OLED) पैनल का इस्तेमाल किया जाएगा, जो इसे पोर्टेबल एंटरटेनमेंट का राजा बना देगा।
लेकिन असली खबर मैकबुक प्रो को लेकर है। एप्पल, जिसने वर्षों तक लैपटॉप में 'टच स्क्रीन' का विरोध किया है, अब झुकता नजर आ रहा है। भविष्य के मैकबुक प्रो मॉडल्स में ओलेड डिस्प्ले के साथ-साथ टच सपोर्ट मिलने की पूरी संभावना है। यह न केवल कंट्रास्ट और कलर्स को बेहतर बनाएगा, बल्कि क्रिएटिव प्रोफेशल्स के काम करने के तरीके को भी बदल देगा।
सिरी का नया अवतार: iOS 26.4 और चैटबॉट क्षमताएं
सॉफ्टवेयर के मोर्चे पर, फरवरी के अंतिम सप्ताह में iOS 26.4 का डेवलपर बीटा आने की उम्मीद है। इसका मुख्य केंद्र सिरी (Siri) होगा। सिरी अब केवल वॉयस कमांड तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें 'चैटबॉट' जैसे फीचर्स और पर्सनलाइज्ड रिस्पॉन्स देने की क्षमता होगी। एप्पल का पूरा ध्यान अब सॉफ्टवेयर की पुरानी गलतियों को सुधारने और सिस्टम को अधिक 'क्लीन' और स्थिर बनाने पर है।
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निष्कर्ष: क्या एप्पल अपनी रणनीति बदल रहा है?
2026 की यह शुरुआत इस बात का सबूत है कि एप्पल अब अपनी छवि को 'केवल अमीरों का ब्रांड' से बदलकर 'सर्वव्यापी ब्रांड' बनाने की ओर अग्रसर है। जहाँ साल के दूसरे हिस्से में 'फोल्डेबल आईफोन' और आईफोन 18 प्रो जैसे प्रीमियम लॉन्च होंगे, वहीं साल की शुरुआत बजट और मिड-रेंज यूजर्स के नाम रहेगी।
एप्पल की यह नई 'बजट' रणनीति क्या उसे मार्केट शेयर के मामले में फिर से शीर्ष पर पहुंचा पाएगी? या क्या विंडोज और एंड्रॉइड के पास इसका कोई तोड़ होगा? यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन एक बात तय है—2026 टेक प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक होने वाला है।

