दिल्ली में आतंकी खतरा: लश्कर-ए-तैयबा की साजिश, लाल किला और चांदनी चौक हाई अलर्ट पर
21 फरवरी, 2026 को जारी खुफिया अलर्ट के अनुसार, पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) दिल्ली में, विशेष रूप से लाल किले और चांदनी चौक क्षेत्र में बड़े हमले की साजिश रच रहा है। नवंबर 2025 के घातक विस्फोट के बाद यह नया खतरा सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।
सारांश
खुफिया इनपुट्स के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा दिल्ली के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को निशाना बना सकता है। विशेष रूप से चांदनी चौक के एक मंदिर में IED के माध्यम से हमले की साजिश की आशंका है। यह अलर्ट 6 फरवरी, 2026 को इस्लामाबाद की एक मस्जिद में हुए विस्फोट के प्रतिशोध से जुड़ा बताया जा रहा है। दिल्ली के अलावा पंजाब और कश्मीर में भी संदिग्ध IED बरामद हुए हैं।
- संभावित लक्ष्य: चांदनी चौक का प्रमुख मंदिर, लाल किले का आसपास क्षेत्र
- हमले का तरीका: परिष्कृत IED विस्फोट
- अन्य क्षेत्र: देश के अन्य प्रमुख मंदिर भी रडार पर
- सुरक्षा स्थिति: दिल्ली, पंजाब और कश्मीर में हाई अलर्ट
वर्तमान खतरे का विवरण और खुफिया अलर्ट
खुफिया एजेंसियों ने राष्ट्रीय राजधानी में ‘हाई अलर्ट’ घोषित किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की योजना बना रहा है।
बदले की भावना (Motive)
- 6 फरवरी 2026: इस्लामाबाद की मस्जिद में आत्मघाती विस्फोट
- हताहत: 31 मृत, 160 से अधिक घायल
- जिम्मेदारी: इस्लामिक स्टेट (IS) ने ली
- खुफिया संकेत: लश्कर-ए-तैयबा भारत में बड़े हमले से बदला लेना चाहता है
ऐतिहासिक संदर्भ: नवंबर 2025 का लाल किला विस्फोट
| विवरण | तथ्य |
| दिनांक | 10 नवंबर, 2025 |
| स्थान | लाल किला मेट्रो स्टेशन, गेट नंबर 1 |
| हताहत | 12–15 मृत, लगभग दो दर्जन घायल |
| हमले का स्वरूप | विस्फोटकों से लदी कार में विस्फोट |
| मुख्य आरोपी | उमर मोहम्मद (उर्फ उमर उन नबी), अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद |
| संगठन | जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवत-उल-हिंद समर्थित मॉड्यूल |
हालिया सुरक्षा घटनाक्रम (पंजाब और कश्मीर)
- पंजाब (अमृतसर): 20 फरवरी 2026 को रैया पुलिस पोस्ट के पास IED बरामद, निष्क्रिय किया गया।
- कश्मीर (गांदरबल): सफापोरा क्षेत्र में IED मिला, सेना-पुलिस ने नष्ट किया।
- उत्तरी कश्मीर: बारामूला और तंगमर्ग रोड सहित एक सप्ताह में तीन IED बरामद।
आधिकारिक तौर पर इन घटनाओं को दिल्ली साजिश से नहीं जोड़ा गया है, लेकिन टाइमिंग ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
जांच और कानूनी कार्यवाही
- जांच एजेंसी: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA)
- गिरफ्तारियां: सात आरोपी, जिनमें अमीर रशीद मीर, डॉ. मुज़म्मिल शकील गनी और डॉ. आदिल अहमद राथर शामिल
- अदालत: पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष NIA अदालत ने 13 फरवरी 2026 को 45 दिन का अतिरिक्त समय दिया
- न्यायिक हिरासत: मार्च 2026 तक बढ़ाई गई
- यूएन रिपोर्ट: लाल किला विस्फोट में जैश-ए-मोहम्मद की संलिप्तता की पुष्टि
सुरक्षा उपाय और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
- अतिरिक्त तैनाती: लाल किला, चांदनी चौक और व्यस्त बाजारों में सुरक्षा बल
- तकनीकी निगरानी: CCTV और डिजिटल मॉनिटरिंग बढ़ाई गई
- सार्वजनिक सतर्कता: दिल्ली पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए
निष्कर्ष
वर्तमान खुफिया सूचनाएं एक सक्रिय और गंभीर खतरे की ओर संकेत करती हैं। धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की योजना सांप्रदायिक तनाव भड़का सकती है। पंजाब और कश्मीर में IED बरामदगी इस खतरे की व्यापकता को दर्शाती है। सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और स्थिति की निरंतर निगरानी कर रही हैं।
दिल्ली में आतंकी खतरे का मुख्य स्रोत क्या है?
खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा दिल्ली के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की योजना बना रहा है।
संभावित लक्ष्य कौन से क्षेत्र हैं?
चांदनी चौक का एक प्रमुख मंदिर और लाल किले के आसपास का क्षेत्र संभावित लक्ष्य बताए गए हैं।
नवंबर 2025 के लाल किला विस्फोट में कौन शामिल था?
जांच के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद समर्थित मॉड्यूल शामिल था। मुख्य आरोपी उमर मोहम्मद बताया गया।
क्या पंजाब और कश्मीर की घटनाएं इससे जुड़ी हैं?
आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन IED बरामदगी की टाइमिंग ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
दिल्ली और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल, CCTV निगरानी और हाई अलर्ट लागू किया गया है।