ईरान के प्रति अमेरिका की सैन्य और रणनीतिक स्थिति (फरवरी 2026)
यह रिपोर्ट संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, संभावित सीमित सैन्य हमले, रणनीतिक तैनाती और राजनयिक प्रयासों का विश्लेषण प्रस्तुत करती है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दबाव बढ़ाते हुए 10-15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है।
- सीमित सैन्य हमले पर विचार: राष्ट्रपति ट्रम्प ईरान के परमाणु ठिकानों पर सीमित हवाई अभियान पर विचार कर रहे हैं।
- बड़ी सैन्य तैनाती: अमेरिका ने 2003 के बाद से मध्य पूर्व में सबसे बड़ा वायु शक्ति जमावड़ा किया है, जिसमें विमानवाहक पोत और उन्नत लड़ाकू विमान शामिल हैं।
- रणनीतिक विकल्प: लक्षित हत्याएं (targeted killings), शासन परिवर्तन (regime change) और सख्त परमाणु समझौते के लिए दबाव जैसे विकल्प चर्चा में हैं।
- राजनयिक वार्ता जारी: जिनेवा में वार्ता चल रही है, लेकिन राष्ट्रपति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 10-15 दिनों में समझौता न होने पर सैन्य कार्रवाई संभव है।
सैन्य वृद्धि और रणनीतिक तैनाती
संयुक्त राज्य अमेरिका ने मध्य पूर्व में नौसेना और वायु सेना की व्यापक तैनाती की है। रक्षा विभाग ने राष्ट्रपति को कई सैन्य विकल्प प्रस्तुत किए हैं।
प्रमुख सैन्य परिसंपत्तियां:
- नौसेना बल: क्षेत्र में 13 युद्धपोत तैनात हैं, जिनमें USS अब्राहम लिंकन और USS गेराल्ड आर. फोर्ड जैसे विमानवाहक पोत तथा नौ मिसाइल-सक्षम विध्वंसक शामिल हैं।
- वायु शक्ति: F-35, F-22, F-15 और F-16 जैसे उन्नत लड़ाकू विमानों के साथ कमांड-एंड-कंट्रोल विमान और वायु रक्षा प्रणाली तैनात हैं।
- तैयारी का स्तर: सैन्य अधिकारियों के अनुसार मार्च मध्य तक पूर्ण तैनाती होगी, हालांकि कुछ कार्रवाई शीघ्र शुरू हो सकती है।
रणनीतिक उद्देश्य और विचारणीय विकल्प
प्रशासन के भीतर ईरान के प्रति रणनीति पर गहन चर्चा जारी है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने रणनीतिक अस्पष्टता बनाए रखी है।
प्रमुख रणनीतिक विकल्प:
- सीमित सैन्य हमला: परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाते हुए कुछ सप्ताह तक चलने वाला हवाई अभियान।
- लक्षित हत्याएं: सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और संभावित उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई को निशाना बनाने के विकल्प पर विचार।
- शासन परिवर्तन: विशेष अभियान बलों की रणनीति अपनाकर राजनीतिक बदलाव का प्रयास।
- परमाणु समझौता: यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह समाप्त करने वाला कठोर समझौता।
राजनयिक स्थिति और ईरान की प्रतिक्रिया
- ईरान का रुख: विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने समझौते का मसौदा तैयार करने की पुष्टि की है, जिसे अमेरिकी विशेष दूत को सौंपा जाएगा।
- जवाबी कार्रवाई की चेतावनी: हमले की स्थिति में अमेरिकी ठिकानों और होर्मुज जलडमरूमध्य को निशाना बनाने की धमकी।
- रूस की भूमिका: ओमान की खाड़ी में ईरानी नौसैनिक अभ्यास में रूसी युद्धपोत की भागीदारी।
घरेलू राजनीतिक और आर्थिक निहितार्थ
| कारक | विवरण |
| आर्थिक चिंताएं | तेल की कीमतों में वृद्धि और मुद्रास्फीति अमेरिकी मतदाताओं की प्रमुख चिंता है। |
| MAGA आधार | "अमेरिका फर्स्ट" समर्थक विदेशी युद्धों के खिलाफ रहे हैं; लंबा संघर्ष राजनीतिक जोखिम बन सकता है। |
| चुनावी जोखिम | मध्यावधि चुनावों में कांग्रेस नियंत्रण खोने का खतरा। |
| ऐतिहासिक तुलना | आलोचक 2003 के इराक युद्ध से तुलना कर रहे हैं, जहां अस्पष्ट उद्देश्यों ने दीर्घकालिक अस्थिरता पैदा की। |
निष्कर्ष: शांति या संघर्ष की ओर?
वर्तमान स्थिति एक निर्णायक मोड़ पर है। जहां एक ओर अमेरिका ने अधिकतम सैन्य दबाव बना दिया है, वहीं राजनयिक खिड़की अभी खुली है। राष्ट्रपति ट्रम्प का 10-15 दिनों का अल्टीमेटम तय करेगा कि क्षेत्र शांति की ओर बढ़ेगा या बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की ओर।
क्या आपको लगता है कि अमेरिका और ईरान के बीच यह तनाव व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है? अपनी राय कमेंट्स में साझा करें।
क्या अमेरिका ईरान पर सीमित सैन्य हमला करने जा रहा है?
रिपोर्टों के अनुसार राष्ट्रपति ट्रम्प सीमित हवाई हमले पर विचार कर रहे हैं, विशेष रूप से ईरान की परमाणु सुविधाओं को लक्ष्य बनाते हुए। अंतिम निर्णय 10-15 दिनों की समयसीमा पर निर्भर करेगा।
मध्य पूर्व में अमेरिका ने कौन-कौन सी सैन्य तैनाती की है?
अमेरिका ने विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन और USS गेराल्ड आर. फोर्ड सहित 13 युद्धपोत, साथ ही F-35, F-22, F-15 और F-16 जैसे उन्नत लड़ाकू विमान तैनात किए हैं।
ईरान की संभावित प्रतिक्रिया क्या हो सकती है?
ईरान ने चेतावनी दी है कि हमले की स्थिति में वह अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करेगा और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होगी।
क्या शासन परिवर्तन (Regime Change) भी विकल्प में है?
रिपोर्टों के अनुसार प्रशासन के भीतर शासन परिवर्तन और लक्षित हत्याओं जैसे विकल्पों पर भी चर्चा हुई है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
क्या अभी भी कूटनीतिक समाधान संभव है?
जिनेवा में वार्ता जारी है। यदि समझौता हो जाता है तो सैन्य कार्रवाई टल सकती है, लेकिन समयसीमा सीमित है।