Ishan Kishan Career Journey: Patna से Team India तक का सफर

Ishan Kishan: पटना के 'छोटा पैकेट' से टीम इंडिया के 'सबसे बड़े धमाके' तक का पूरा सफर और 2026 वर्ल्ड कप की वो यादगार पारी

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प्रस्तावना: खेत्तरमा का शोर और एक खिलाड़ी का पुनर्जन्म

15 फरवरी 2026 की उस शाम को कोलंबो का आर. प्रेमदासा स्टेडियम (खेत्तरमा) कभी नहीं भूल पाएगा। टी20 वर्ल्ड कप का वह हाई-वोल्टेज मुकाबला, जहां भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने थीं। पिच किसी 'माइनफील्ड' से कम नहीं थी, जहां गेंद पड़ते ही तेजी से घूम रही थी और पाकिस्तान के स्पिनर्स अपनी फिरकी के जाल में भारतीय बल्लेबाजों को फंसाने के लिए तैयार थे। लेकिन उस दिन एक 27 साल के खब्बू बल्लेबाज के इरादे कुछ और ही थे। ईशान किशन, जिन्हें अक्सर 'छोटा पैकेट' कहा जाता था, उस दिन एक 'महा-धमाके' की तरह फटे।

उनकी 77 रनों की उस ऐतिहासिक पारी ने न केवल पाकिस्तान के गेंदबाजी आक्रमण को तहस-नहस कर दिया, बल्कि क्रिकेट जगत को यह संदेश भी दिया कि यह 'नया ईशान' है—ज्यादा परिपक्व, ज्यादा घातक और मानसिक रूप से पहले से कहीं अधिक मजबूत। मात्र दो साल पहले, फरवरी 2024 में, इसी खिलाड़ी को बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। आलोचकों ने उनके करियर का 'अंत' घोषित कर दिया था, लेकिन पटना की गलियों से निकलकर झारखंड के मैदानों में खुद को तपाने वाले इस लड़के ने हार नहीं मानी। आज ईशान किशन केवल एक विकेटकीपर-बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि वे भारतीय क्रिकेट की उस 'निर्भीक शैली' (Fearless Brand of Cricket) के पोस्टर बॉय बन चुके हैं, जिसकी कल्पना गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद की गई थी।

रिकॉर्ड्स के सुल्तान: वह ऐतिहासिक 210 रनों की पारी का विश्लेषण

ईशान किशन के अंतरराष्ट्रीय करियर की सबसे चमकदार उपलब्धि दिसंबर 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव में आई। वह पारी केवल रनों का अंबार नहीं थी, बल्कि क्रिकेट की किताब में लिखे गए कई पुराने रिकॉर्ड्स को ढहाने वाली एक आंधी थी। ईशान ने मात्र 131 गेंदों में 210 रनों की तूफानी पारी खेलकर 'Highest maiden hundred' (पहला शतक ही दोहरा शतक) का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया।

एक वरिष्ठ खेल पत्रकार के तौर पर जब मैं उस पारी का विश्लेषण करता हूं, तो आंकड़े आपकी आंखें खोल देते हैं। अक्सर लोग चौकों-छक्कों की गिनती में उलझ जाते हैं, लेकिन असली तथ्य यह है कि ईशान के उस 210 रनों के विशाल स्कोर में से 156 रन केवल बाउंड्री (चौकों और छक्कों) से आए थे। यह उनकी 'पावर-हिटिंग' और 'गैप-फाइंडिंग' एबिलिटी का बेजोड़ उदाहरण था। उस पारी के बाद टीम इंडिया के दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने एक सटीक टिप्पणी की थी:

"ईशान किशन एक ऐसा खिलाड़ी है जो अकेले दम पर आपको मैच जिता सकता है।"

यह 'Fearless Cricket' का वह ऐलान था जिसने रोहित शर्मा के उत्तराधिकारी के रूप में उनकी दावेदारी को पुख्ता कर दिया। उन्होंने दिखाया कि वे न केवल क्रीज पर टिक सकते हैं, बल्कि खेल की गति को अपनी मर्जी के अनुसार नियंत्रित भी कर सकते हैं।

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IPL के 'करोड़पति' खिलाड़ी: MI की विरासत से SRH का नया अध्याय

ईशान किशन का उदय भारतीय क्रिकेट के उस दौर की कहानी है जहां आईपीएल (IPL) प्रतिभाओं को तराशने की सबसे बड़ी भट्ठी बन चुका था। 2016 में गुजरात लायंस ने उन्हें मात्र 35 लाख रुपये के बेस प्राइस पर खरीदा था, लेकिन किसे पता था कि यह खिलाड़ी एक दिन आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ियों में शुमार होगा।

  • मुंबई इंडियंस का स्वर्ण युग: 2018 में मुंबई इंडियंस के साथ जुड़ने के बाद ईशान की बल्लेबाजी को एक नई पहचान मिली। 2020 का सीजन उनके लिए 'ब्रेकथ्रू' साबित हुआ, जहां उन्होंने 145.76 की स्ट्राइक रेट से 516 रन ठोके। उस सीजन में आरसीबी (RCB) के खिलाफ उनकी 99 रनों की वह पारी, जिसमें वे सुपर ओवर में हार के बावजूद नायक बनकर उभरे थे, आज भी फैंस के दिलों में बसी है।
  • कीमत का कीर्तिमान: उनकी उपयोगिता को देखते हुए 2022 के मेगा ऑक्शन में मुंबई इंडियंस ने उन पर 15.25 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बोली लगाई। हालांकि 2021 का सीजन शांत रहा था, लेकिन 15 करोड़ का टैग उनके आत्मविश्वास को डिगा नहीं सका।
  • सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) का नया दौर: 2025 के मेगा ऑक्शन में एक बार फिर ईशान 'हॉट प्रॉपर्टी' रहे। इस बार सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें 11.25 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। विशेषज्ञ टॉम मूडी का मानना था कि ईशान की फॉर्म और 'मैच-विनिंग' क्षमता उन्हें रिटेन किए जाने के योग्य बनाती थी, और अब वे SRH के शीर्ष क्रम में एक विस्फोटक इंजन की भूमिका निभा रहे हैं।

झारखंड से टीम इंडिया तक: संघर्ष, कप्तानी और 273 रनों का वो 'ग्राइंड'

ईशान की कहानी पटना से शुरू जरूर हुई, लेकिन उसकी असली धार झारखंड के घरेलू क्रिकेट में तैयार हुई। 2014 में मात्र 16 साल की उम्र में अपना प्रथम श्रेणी डेब्यू करने वाले इस लड़के ने जल्द ही चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। 2016 में उन्हें भारतीय अंडर-19 टीम की कमान सौंपी गई। हालांकि बांग्लादेश में हुए उस वर्ल्ड कप में बल्ले से उनका प्रदर्शन औसत रहा था, लेकिन एक कप्तान के रूप में वे टीम को फाइनल तक ले गए।

घरेलू क्रिकेट में उनकी सबसे यादगार पारी दिल्ली के खिलाफ आई थी। झारखंड की टीम एक समय 80 रनों पर 4 विकेट खोकर संघर्ष कर रही थी, तब ईशान ने मोर्चा संभाला और 273 रनों की विशाल पारी खेलकर मैच को ड्रा की ओर धकेला। यह पारी इस बात का सबूत थी कि उनके पास केवल टी20 की आक्रामकता ही नहीं, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में घंटों क्रीज पर टिकने का संयम भी है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 64 मैचों में लगभग 40 की औसत और 3893 रन उनके 'टेक्निकल सॉलिडिटी' की गवाही देते हैं।

चयन का विवाद और 'गौती भाई' (Gautam Gambhir) का दौर

ईशान किशन के करियर का सबसे कठिन दौर फरवरी 2024 था, जब बीसीसीआई ने उन्हें और श्रेयस अय्यर को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया था। उस समय इसे एक अनुशासन का मुद्दा माना गया, लेकिन ईशान ने इसे एक चुनौती के रूप में लिया। जब गौतम गंभीर ने भारतीय टीम के कोच का पद संभाला, तो ईशान के खेल में एक स्पष्ट 'रणनीतिक बदलाव' दिखा।

गंभीर ने उन्हें 'Clarity of Thought' (विचारों की स्पष्टता) दी। अब ईशान केवल गेंद को मारने के लिए नहीं जाते, बल्कि वे परिस्थितियों के अनुसार अपने 'Aggression' को कैलकुलेट करते हैं। हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईशान ने अपने और कोच के रिश्तों पर चुटकी लेते हुए कहा:

"मैं हर समय मजाक नहीं करता, खासकर गौती भाई के अंडर में।"

यह बयान मजाकिया जरूर है, लेकिन यह ईशान के भीतर आए उस अनुशासन और गंभीरता को दर्शाता है, जिसकी मांग भारतीय क्रिकेट का शीर्ष स्तर करता है। कार्लोस ब्रैथवेट ने भी ईशान की हालिया पारियों को देखकर कहा है कि उनके शॉट्स अब पहले से कहीं अधिक सटीक और सोचे-समझे होते हैं।

टी20 वर्ल्ड कप 2026: किशन का 'गोल्डन फॉर्म' और फिंच का खौफ

फरवरी 2026 तक आते-आते ईशान किशन भारतीय बल्लेबाजी की सबसे खतरनाक कड़ी बन चुके हैं। उनके हालिया प्रदर्शन पर एक नजर डालिए, जो यह बताता है कि क्यों वे आज दुनिया के सर्वश्रेष्ठ टी20 ओपनर्स में से एक हैं।

ईशान किशन: हालिया प्रदर्शन (जनवरी - फरवरी 2026)

विपक्षी टीम

रन

स्ट्राइक रेट

स्थान

टूर्नामेंट

न्यूजीलैंड

103

160+

तिरुवनंतपुरम

टी20आई

दक्षिण अफ्रीका

53

145+

डीवाई पाटिल

अन्य टी20

यू.एस.ए.

20

120

वानखेड़े

टी20 वर्ल्ड कप

नामीबिया

61

150+

दिल्ली

टी20 वर्ल्ड कप

पाकिस्तान

77

148+

कोलंबो (RPS)

टी20 वर्ल्ड कप

आंकड़े गवाह हैं कि तिरुवनंतपुरम की सपाट पिच हो या कोलंबो की टर्निंग ट्रैक, ईशान का बल्ला हर जगह बोला है। यही कारण है कि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान आरोन फिंच ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम को 'Scary proposition' (खौफनाक प्रस्ताव) करार दिया है। फिंच का मानना है कि ईशान की शुरुआत विपक्षी कप्तानों की सारी प्लानिंग को मैच के पहले 6 ओवरों में ही ध्वस्त कर देती है।

विकेटकीपर-बल्लेबाज की दोहरी भूमिका: पंत और संजू के बीच अपनी जगह

भारतीय टीम में विकेटकीपर के स्लॉट के लिए ऋषभ पंत और संजू सैमसन जैसे धुरंधरों के बीच जगह बनाना नामुमकिन सा लगता था। लेकिन ईशान ने अपनी 'खब्बू' (Left-handed) पहचान को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। एक बाएं हाथ का ओपनर टीम के संतुलन के लिए 'सोने पर सुहागा' होता है।

क्रिकेट विश्लेषक आकाश चोपड़ा ने हाल ही में अपने विश्लेषण में स्पष्ट कहा है:

"'The deal is sealed' - किशन अब संजू सैमसन से काफी आगे निकल चुके हैं।"

आकाश चोपड़ा के अनुसार, बहुत कम खिलाड़ियों में वह 'Bravado' (निडरता) होती है जो ईशान के पास है। विकेट के पीछे भी उनकी चपलता में भारी सुधार हुआ है। पाकिस्तान के खिलाफ उस महत्वपूर्ण मैच में, जहां गेंद काफी टर्न हो रही थी, ईशान ने एक शानदार स्टंपिंग (1 Stumping) की, जिसने मैच का रुख बदल दिया। उनके टी20 करियर के 223 मैचों में 129 कैच और 16 स्टंपिंग उनके बढ़ते हुए कीपिंग ग्राफ का प्रमाण हैं।

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भविष्य का रोडमैप: क्या वह रोहित शर्मा के स्थायी उत्तराधिकारी हैं?

ईशान किशन का भविष्य अब किसी रहस्य की तरह नहीं, बल्कि एक सुनहरी संभावना की तरह दिखता है। अगले पांच सालों में उन्हें तीनों फॉर्मेट में भारत के नियमित ओपनर के तौर पर देखा जा रहा है। विशेष रूप से टेस्ट क्रिकेट में, जहां उनका औसत 78 का है (2 मैचों की संक्षिप्त अवधि में), वे ऋषभ पंत की तरह एक 'एक्स-फैक्टर' साबित हो सकते हैं।

रोहित शर्मा के संन्यास के बाद, भारत को एक ऐसे निडर ओपनर की जरूरत थी जो खेल का रुख बदल सके, और ईशान उस खांचे में पूरी तरह फिट बैठते हैं। उनका 143.78 का टी20आई स्ट्राइक रेट और 1169 रन यह बताते हैं कि वे केवल लंबी रेस के घोड़े ही नहीं, बल्कि रेस जीतने वाले चैंपियन हैं।

निष्कर्ष: ईशान किशन की कहानी हमें सिखाती है कि प्रतिभा को दबाया जा सकता है, लेकिन उसे मिटाया नहीं जा सकता। पटना से कोलंबो तक का यह सफर केवल रनों का सफर नहीं है, बल्कि एक लड़के के 'मद' (Bravado) और उसकी 'जिद' की जीत है। 2026 वर्ल्ड कप में उनकी पारियां भारतीय क्रिकेट के एक नए युग का आगाज हैं।

आप इस मुद्दे को कैसे देखते हैं? क्या ईशान किशन को तीनों फॉर्मेट में भारत का नियमित ओपनर होना चाहिए? क्या वे रोहित शर्मा की विरासत को आगे ले जा पाएंगे? अपनी राय नीचे कमेंट्स में जरूर साझा करें। 

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FAQs - Ishan Kishan Career Journey के बारे में

क्या ईशान किशन ने ओडीआई में 200 का स्कोर किया था?

दिसंबर 2022 में ईशान किशन ने बांग्लादेश के खिलाफ वनडे मुकाबले में इतिहास रच दिया। उन्होंने सिर्फ 131 गेंदों में 210 रनों की विस्फोटक पारी खेली और महज़ 126 गेंदों में दोहरा शतक पूरा कर लिया। यह पुरुष वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक था। इसके साथ ही उन्होंने क्रिस गेल का 138 गेंदों में बनाए गए दोहरे शतक का पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

ओडीआई में कौन सा खिलाड़ी सबसे तेज 200 है?

भारतीय सलामी बल्लेबाज़ ईशान किशन ने 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ सिर्फ 126 गेंदों में दोहरा शतक जड़कर वनडे इतिहास का सबसे तेज 200 रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ बल्लेबाज़ ग्लेन मैक्सवेल ने 2023 वनडे विश्व कप में अफगानिस्तान के खिलाफ 128 गेंदों में दोहरा शतक ठोकते हुए दूसरा सबसे तेज 200 रन बनाने का कारनामा किया।

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