क्या है कहानी एल मेन्चो की? मेक्सिको के सबसे खूंखार ड्रग लॉर्ड का खौफनाक अंत
मेक्सिको की सड़कों पर धुआँ उठ रहा था। कहीं ट्रक जल रहे थे, कहीं हाईवे बंद थे, तो कहीं लोग अपने घरों में छिपे हुए थे। यह किसी फिल्म का दृश्य नहीं था, बल्कि हकीकत थी। वजह थी — मेक्सिको के सबसे खतरनाक ड्रग लॉर्ड Nemesio Oseguera Cervantes, जिसे दुनिया ‘एल मेन्चो’ के नाम से जानती थी, उसकी मौत। उसकी मौत की खबर ने पूरे देश को हिला दिया। लेकिन यह सिर्फ एक अपराधी की मौत नहीं थी। यह उस लंबे और खतरनाक दौर का अंत था, जिसने मेक्सिको को सालों तक खून और डर में डुबोए रखा। आइए जानते हैं उसकी कहानी — एक साधारण मजदूर से लेकर दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रग सरगना बनने तक की।
एक मामूली मजदूर से खौफनाक सरगना तक
एल मेन्चो का जन्म मेक्सिको के मिशोआकन इलाके के एक साधारण परिवार में हुआ था। गरीबी इतनी थी कि बचपन खेतों में काम करते हुए बीता। वह मारिजुआना के खेतों में मजदूरी करता था।
1980 के दशक में वह बेहतर जिंदगी की तलाश में अमेरिका चला गया। लेकिन वहाँ उसकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया। अवैध तरीके से रहने और ड्रग तस्करी के आरोप में उसे जेल हो गई। कुछ साल बाद उसे वापस मेक्सिको भेज दिया गया।
यहीं से उसकी असली कहानी शुरू हुई।
मेक्सिको लौटने के बाद उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। धीरे-धीरे उसने पुराने कार्टेल के बचे हुए लोगों को साथ जोड़ा और एक नया संगठन खड़ा किया — Jalisco New Generation Cartel (CJNG)।
उसकी खासियत थी – बेहिसाब हिंसा और सख्त नियंत्रण। जो उसके रास्ते में आया, वह खत्म कर दिया गया। पुलिस हो या दुश्मन गैंग, किसी को नहीं छोड़ा। कुछ ही वर्षों में CJNG मेक्सिको का सबसे ताकतवर और खतरनाक कार्टेल बन गया।
मौत की खबर और देशभर में आग
जब एल मेन्चो की मौत की खबर फैली, तो पूरे मेक्सिको में जैसे आग लग गई। उसके गुर्गों ने कम से कम 12 राज्यों में हिंसा फैला दी। सड़कें बंद कर दी गईं, बसों और ट्रकों को आग के हवाले कर दिया गया।
राजधानी Mexico City तक डर का माहौल था।
सबसे डरावनी स्थिति पर्यटन शहर Puerto Vallarta में देखने को मिली। लोग होटलों और घरों में छिप गए। बाहर नकाबपोश बंदूकधारी घूम रहे थे। कई घंटे तक लोग “shelter in place” यानी सुरक्षित जगहों पर बंद रहे।
इसी तरह Guadalajara में भी आगजनी हुई। यह वही शहर है जो आने वाले FIFA World Cup का एक मेजबान शहर है। दुनिया के सामने मेक्सिको की छवि को बड़ा झटका लगा।
यह सब सिर्फ बदले की भावना नहीं थी। यह अपने मरे हुए सरगना के लिए “वफादारी का प्रदर्शन” था।
फेंटानिल का खतरनाक खेल
एल मेन्चो की ताकत तब और बढ़ी जब उसके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी Sinaloa Cartel कमजोर पड़ गया।
जब मशहूर ड्रग लॉर्ड एल चापो को अमेरिका भेजा गया, तो सिनालोआ कार्टेल कई हिस्सों में बंट गया। इस मौके का फायदा उठाकर एल मेन्चो ने फेंटानिल के व्यापार पर कब्जा कर लिया।
फेंटानिल एक बेहद खतरनाक सिंथेटिक ड्रग है, जो अमेरिका में हजारों लोगों की मौत का कारण बन चुका है। इसकी तस्करी से अरबों डॉलर कमाए जाते हैं।
एल मेन्चो ने इस व्यापार को अपने साम्राज्य की रीढ़ बना लिया। उसकी कमाई और ताकत दोनों बढ़ती गईं।
अमेरिका का दबाव और राजनीतिक खेल
एल मेन्चो सिर्फ मेक्सिको की समस्या नहीं था। अमेरिका भी उससे परेशान था।
अमेरिका की राजनीति में लगातार यह मांग उठ रही थी कि मेक्सिको की धरती पर सीधे सैन्य कार्रवाई की जाए। ड्रोन स्ट्राइक तक की बातें हो रही थीं।
मेक्सिको की राष्ट्रपति Claudia Sheinbaum पर भारी दबाव था। उन्हें यह साबित करना था कि मेक्सिको खुद अपने अपराधियों से निपट सकता है।
एल मेन्चो के खिलाफ हुआ ऑपरेशन सिर्फ एक पुलिस कार्रवाई नहीं था, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी था — कि मेक्सिको विदेशी सेना को अपनी जमीन पर नहीं आने देगा।
हाइड्रा’ की सच्चाई
लेकिन सवाल यह है — क्या एल मेन्चो की मौत से सब खत्म हो जाएगा?
इतिहास बताता है कि ऐसा नहीं होता।
मेक्सिको में जब भी किसी बड़े ड्रग लॉर्ड को मारा गया, कार्टेल खत्म नहीं हुआ। बल्कि वह और ज्यादा हिंसक हो गया। इसे “किंगपिन स्ट्रेटेजी” की कमजोरी कहा जाता है।
CJNG के अंदर पहले से ही कई खूंखार लोग मौजूद हैं, जो उसकी जगह लेने को तैयार हैं।
यह किसी ‘हाइड्रा’ राक्षस की तरह है — एक सिर काटो, तो कई नए सिर उग आते हैं।
आने वाले दिन तय करेंगे कि क्या सरकार इस नेतृत्व परिवर्तन के दौरान होने वाली संभावित खूनी लड़ाई को रोक पाएगी या नहीं।
क्या सच में खत्म हुआ डर?
आज सड़कों पर धुआँ है, लोग डरे हुए हैं, और फेंटानिल का कारोबार अब भी जारी है।
एल मेन्चो की मौत कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि हो सकती है। लेकिन असली सवाल अभी भी खड़ा है — क्या सिर्फ एक सरगना को खत्म करने से हिंसा रुक जाएगी?
या यह सिर्फ एक नए और ज्यादा खतरनाक दौर की शुरुआत है?
मेक्सिको एक मोड़ पर खड़ा है। एक तरफ न्याय की जीत है, दूसरी तरफ बदले और सत्ता की नई लड़ाई का खतरा।
समय ही बताएगा कि यह अंत है — या किसी और बड़ी कहानी की शुरुआत।
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एल मेन्चो कौन था?
एल मेन्चो का असली नाम नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वेंट्स था। वह जालिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का प्रमुख और मेक्सिको का सबसे वांछित ड्रग लॉर्ड था।
एल मेन्चो की मौत के बाद मेक्सिको में क्या हुआ?
उसकी मौत की खबर फैलते ही 12 से अधिक राज्यों में हिंसा, आगजनी और सड़क अवरोध देखने को मिले। कई शहरों में लोगों को घरों में छिपकर रहना पड़ा।
CJNG क्या है?
जालिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) मेक्सिको का एक शक्तिशाली और खतरनाक ड्रग कार्टेल है, जो फेंटानिल सहित कई नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल रहा है।
फेंटानिल का इस कहानी से क्या संबंध है?
एल मेन्चो ने फेंटानिल के वैश्विक अवैध व्यापार पर बड़ा नियंत्रण स्थापित कर लिया था। यह ड्रग अमेरिका में हजारों मौतों का कारण बन चुका है।
क्या एल मेन्चो की मौत से मेक्सिको में हिंसा खत्म हो जाएगी?
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी एक सरगना की मौत से कार्टेल खत्म नहीं होते। अक्सर नेतृत्व बदलता है और हिंसा और बढ़ सकती है।